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जोड़ · Joints & Pain

जोड़ों और पीठ के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज

सीढ़ियाँ चढ़ते हुए घुटनों में दर्द, शाम तक अकड़ जाती पीठ, या कंधा जो ऊपर नहीं उठता — दर्द की दवा से आराम तो मिलता है, पर दर्द फिर लौट आता है। नीचे अपनी समस्या चुनें।

जोड़ों और पीठ के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज

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जोड़ों का दर्द बार-बार क्यों लौटता है?

आयुर्वेद के अनुसार, जोड़ों का दर्द ज़्यादातर वात के असंतुलन और कमज़ोर पाचन से जुड़ा होता है। जब पाचन कमज़ोर होता है, तो शरीर में आम (टॉक्सिन्स) जमा होता है, जो जोड़ों में जाकर अकड़न और दर्द पैदा करता है।

उम्र, गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठना और भारी काम — ये सब जोड़ों पर बोझ बढ़ाते हैं। सिर्फ़ दर्द की दवा इस बोझ को कम नहीं करती, इसलिए दर्द बार-बार लौटता है।

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घुटनों का दर्द (Knee Pain)

क्या आपको यह है? सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते घुटनों में दर्द? बैठकर उठने में तकलीफ़, घुटनों में कट-कट की आवाज़?

क्यों होता है? घुटनों का दर्द उम्र, वज़न, कमज़ोर पाचन से जमा टॉक्सिन्स और जोड़ों के घिसाव से होता है। सिर्फ़ दर्द की दवा इसे दबाती है, ठीक नहीं करती।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से घुटनों की रोज़ 10 मिनट मालिश करें। तिल का तेल जोड़ों में चिकनाई और गर्मी पहुँचाता है।
  • हल्दी वाला दूध: रात को एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएँ। हल्दी जोड़ों की सूजन कम करती है।
  • अदरक: खाने में अदरक शामिल करें या अदरक की चाय पिएँ। अदरक जोड़ों के दर्द में राहत देता है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: जानु बस्ति (घुटनों पर गर्म तेल), पिज़िचिल, रक्त-शुद्धि वाली दवाइयाँ और डाइट से घुटने मज़बूत होते हैं, दर्द कम होता है और चलना आसान होता है।

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पीठ दर्द (Back Pain)

क्या आपको यह है? सुबह उठते ही पीठ अकड़ी हुई? देर तक बैठने या झुकने पर पीठ में दर्द?

क्यों होता है? पीठ दर्द का कारण गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठना, कमज़ोर मांसपेशियाँ और वात का असंतुलन होता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म पानी की सिकाई: गर्म पानी की थैली से पीठ की 15 मिनट सिकाई करें। गर्मी अकड़न खोलती है और दर्द कम करती है।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से पीठ की हल्की मालिश करें। यह मांसपेशियों को आराम देता है।
  • हल्दी + अदरक: हल्दी और अदरक को खाने में शामिल करें। दोनों में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: कटि बस्ति (पीठ पर गर्म तेल), अभ्यंग, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और पोस्चर सुधारने की सलाह से पीठ का दर्द धीरे-धीरे कम होता है।

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गर्दन का दर्द / सर्वाइकल (Neck Pain / Cervical)

क्या आपको यह है? गर्दन में अकड़न, कंधों तक दर्द, या सिर घुमाने में तकलीफ़? कभी-कभी चक्कर भी आते हैं?

क्यों होता है? मोबाइल-कंप्यूटर पर लंबे समय तक झुककर बैठने से गर्दन की नसें और मांसपेशियाँ दब जाती हैं — यही सर्वाइकल है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म सिकाई: गर्म पानी की थैली से गर्दन की 10–15 मिनट सिकाई करें। अकड़न खुलती है।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से गर्दन-कंधों की हल्की मालिश करें।
  • सही तकिया + हल्की कसरत: बहुत ऊँचा तकिया न लगाएँ और गर्दन को धीरे-धीरे चारों तरफ घुमाने की कसरत करें।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: ग्रीवा बस्ति (गर्दन पर गर्म तेल), नस्यों, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और गर्दन की सही कसरत से अकड़न खुलती है और दर्द कम होता है।

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कंधे का दर्द / फ्रोज़न शोल्डर (Shoulder Pain / Frozen Shoulder)

क्या आपको यह है? कंधा ऊपर नहीं उठता? कपड़े पहनने या बाल बनाने में कंधे में दर्द?

क्यों होता है? फ्रोज़न शोल्डर में कंधे का जोड़ धीरे-धीरे जाम हो जाता है। कारण — चोट, लंबे समय तक कंधा न हिलाना, या शुगर जैसी समस्या।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म सिकाई: गर्म पानी की थैली से कंधे की 15 मिनट सिकाई करें।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से कंधे की हल्की मालिश करें।
  • हल्की कसरत: कंधे को धीरे-धीरे गोल घुमाएँ और दीवार पर हाथ चलाने की कसरत करें। दर्द बढ़े तो रुक जाएँ।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: कंधे की तेल-थेरेपी, स्वेदन, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और धीरे-धीरे कंधे की कसरत से कंधा खुलता है और दर्द कम होता है।

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गठिया (Arthritis)

क्या आपको यह है? एक या ज़्यादा जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न? सुबह जोड़ सबसे ज़्यादा जकड़े हुए लगते हैं?

क्यों होता है? गठिया में जोड़ों में सूजन आ जाती है — कारण उम्र, इम्युनिटी का असंतुलन या टॉक्सिन्स का जोड़ों में जमाव हो सकता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • हल्दी वाला दूध: रात को हल्दी वाला दूध पिएँ। हल्दी जोड़ों की सूजन कम करती है।
  • अदरक + लहसुन: खाने में अदरक और लहसुन शामिल करें। दोनों जोड़ों की सूजन और दर्द में मदद करते हैं।
  • गर्म पानी की सिकाई: दर्द वाले जोड़ पर गर्म पानी की थैली से सिकाई करें। अकड़न खुलती है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: टॉक्सिन्स निकालने वाली दवाइयाँ, पंचकर्म, डाइट और जोड़ों की तेल-थेरेपी से सूजन कम होती है और जोड़ों की चाल सुधरती है।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)

क्या आपको यह है? उम्र के साथ घुटनों-जोड़ों का दर्द बढ़ता जा रहा है? जोड़ों की चिकनाई खत्म होती लगती है?

क्यों होता है? ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों की कार्टिलेज (गद्दी) धीरे-धीरे घिस जाती है, जिससे हड्डियाँ रगड़ने लगती हैं और दर्द होता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से जोड़ों की रोज़ मालिश करें। यह जोड़ों में चिकनाई बनाए रखता है।
  • हल्दी वाला दूध: रात को हल्दी वाला दूध पिएँ।
  • मेथी के बीज: रात को एक चम्मच मेथी के बीज भिगोकर सुबह खाएँ। मेथी जोड़ों के लिए अच्छी मानी जाती है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: जोड़ों को पोषण देने वाली दवाइयाँ, जानु/कटि बस्ति, डाइट और वज़न प्रबंधन से घिसाव की गति धीमी होती है और दर्द कम होता है।

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रूमेटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)

क्या आपको यह है? दोनों हाथों-पैरों के छोटे जोड़ों में एक साथ दर्द और सूजन? सुबह एक घंटे से ज़्यादा अकड़न?

क्यों होता है? रूमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून समस्या है — शरीर की सुरक्षा-प्रणाली ही जोड़ों पर हमला करती है। इसमें सिर्फ़ दर्द की दवा काफी नहीं।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • हल्दी वाला दूध: रात को हल्दी वाला दूध पिएँ। हल्दी सूजन कम करती है।
  • अदरक की चाय: दिन में एक बार अदरक की चाय पिएँ। अदरक जोड़ों के दर्द में राहत देता है।
  • गर्म सिकाई: सुबह की अकड़न पर गर्म पानी की थैली से सिकाई करें।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: इम्युनिटी संतुलित करने वाली दवाइयाँ, टॉक्सिन्स निकालने वाला पंचकर्म, डाइट और जोड़ों की थेरेपी से सूजन और दर्द धीरे-धीरे नियंत्रित होते हैं।

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गाउट — यूरिक एसिड (Gout)

क्या आपको यह है? अचानक पैर के अँगूठे या जोड़ में तेज़ दर्द और सूजन? दर्द रात को अचानक शुरू होता है?

क्यों होता है? गाउट तब होता है जब रक्त में यूरिक एसिड बढ़ जाता है और जोड़ों में क्रिस्टल बनकर जम जाता है। कारण — कमज़ोर पाचन और गलत खानपान।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • ज़्यादा पानी: दिन भर खूब पानी पिएँ। पानी यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • अजवाइन का पानी: एक चम्मच अजवाइन रात को भिगोकर सुबह उसका पानी पिएँ। अजवाइन यूरिक एसिड कम करने में मदद करती है।
  • आँवला: आँवला रोज़ खाएँ। आँवला यूरिक एसिड नियंत्रित करने में मदद करता है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: यूरिक एसिड कम करने वाली दवाइयाँ, पाचन सुधारने वाली योजना, डाइट और टॉक्सिन्स निकालने वाली थेरेपी से गाउट के दौरे कम होते हैं।

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साइटिका (Sciatica)

क्या आपको यह है? कमर से लेकर पैर तक एक लाइन में तेज़ दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन? चलने में पैर भारी लगता है?

क्यों होता है? साइटिका में कमर की नस (सियाटिक नर्व) दब जाती है, जिससे दर्द पैर तक फैलता है। कारण — डिस्क की समस्या या कमर की अकड़न।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म सिकाई: कमर और पैर की दर्द वाली लाइन पर गर्म पानी की थैली से सिकाई करें।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से कमर-पैर की हल्की मालिश करें।
  • हल्की स्ट्रेचिंग: पीठ के बल लेटकर घुटने को धीरे-धीरे छाती की ओर लाने की स्ट्रेचिंग करें। दर्द बढ़े तो रुक जाएँ।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: कटि बस्ति, बस्ति (एनिमा) थेरेपी, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और कमर की सही कसरत से नस का दबाव कम होता है और दर्द शांत होता है।

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स्पॉन्डिलोसिस (Spondylosis)

क्या आपको यह है? गर्दन या कमर में लगातार अकड़न और दर्द? उम्र के साथ रीढ़ की हड्डी में घिसाव महसूस होता है?

क्यों होता है? स्पॉन्डिलोसिस रीढ़ की हड्डियों और डिस्क के घिसाव से होता है — गर्दन में हो तो सर्वाइकल, कमर में हो तो लंबर स्पॉन्डिलोसिस कहलाता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म सिकाई: गर्दन या कमर पर गर्म पानी की थैली से 15 मिनट सिकाई करें।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से गर्दन-कमर की हल्की मालिश करें।
  • सही पोस्चर: झुककर न बैठें, मोबाइल आँखों के स्तर पर रखें और हर घंटे 2 मिनट चलें।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: ग्रीवा/कटि बस्ति, अभ्यंग, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और रीढ़ की सही कसरत से अकड़न खुलती है और दर्द कम होता है।

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एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis)

क्या आपको यह है? रीढ़ में लगातार अकड़न, खासकर सुबह? कमर धीरे-धीरे झुकती जा रही है?

क्यों होता है? यह रीढ़ की एक पुरानी सूजन वाली समस्या है जिसमें रीढ़ धीरे-धीरे अकड़ने लगती है। इम्युनिटी का असंतुलन इसका बड़ा कारण है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म सिकाई: रीढ़ पर गर्म पानी की थैली से सिकाई करें। अकड़न खुलती है।
  • हल्की कसरत / योग: रोज़ हल्की स्ट्रेचिंग और साँस की कसरत करें। रीढ़ को चलायमान रखना ही इलाज है।
  • हल्दी वाला दूध: रात को हल्दी वाला दूध पिएँ। हल्दी सूजन कम करती है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: सूजन कम करने वाली दवाइयाँ, पंचकर्म, रीढ़ की तेल-थेरेपी और नियमित कसरत से अकड़न की गति धीमी होती है और चाल सुधरती है।

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मांसपेशियों का दर्द (Muscle Pain)

क्या आपको यह है? पूरे शरीर में मांसपेशियों में दर्द और थकान? बिना ज़्यादा काम के भी शरीर टूटा-टूटा लगता है?

क्यों होता है? मांसपेशियों के दर्द का कारण वात का असंतुलन, टॉक्सिन्स, नींद की कमी और लंबे समय का तनाव हो सकता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म पानी से स्नान: गर्म पानी से नहाएँ या दर्द वाली जगह पर गर्म पानी डालें। मांसपेशियाँ ढीली होती हैं।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से मांसपेशियों की मालिश करें।
  • हल्दी वाला दूध: रात को हल्दी वाला दूध पिएँ।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: अभ्यंग (तेल मालिश), स्वेदन, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और डाइट से मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और दर्द कम होता है।

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ऑस्टियोपोरोसिस — हड्डियों की कमज़ोरी (Osteoporosis)

क्या आपको यह है? हड्डियाँ कमज़ोर हो गई हैं? हल्की चोट पर भी फ्रैक्चर का डर रहता है?

क्यों होता है? ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों का घनत्व घट जाता है — खासकर महिलाओं में मेनोपॉज़ के बाद और बुज़ुर्गों में।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • तिल + गुड़: तिल और गुड़ रोज़ खाएँ। तिल में कैल्शियम होता है जो हड्डियों को मज़बूत करता है।
  • दूध + हल्दी: रोज़ एक गिलास दूध में हल्दी मिलाकर पिएँ।
  • धूप: सुबह की धूप में 15–20 मिनट रहें। धूप से विटामिन D मिलता है जो हड्डियों के लिए ज़रूरी है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: हड्डियों को पोषण देने वाली दवाइयाँ, कैल्शियम-युक्त डाइट, तेल-थेरेपी और हल्की कसरत से हड्डियाँ मज़बूत होती हैं।

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अकड़न और जकड़न (Stiffness)

क्या आपको यह है? सुबह उठते ही शरीर जकड़ा हुआ? जोड़ खोलने में आधा घंटा लग जाता है?

क्यों होता है? अकड़न का कारण वात का असंतुलन, टॉक्सिन्स का जमाव और जोड़ों में चिकनाई की कमी होता है।

आयुर्वेदिक नुस्खे (घरेलू उपाय)

  • गर्म पानी से स्नान: सुबह गर्म पानी से नहाएँ। गर्मी अकड़न खोलती है।
  • तिल के तेल की मालिश: गुनगुने तिल के तेल से जोड़ों की मालिश करें।
  • हल्की कसरत: रोज़ हल्की स्ट्रेचिंग करें। जोड़ों को चलायमान रखना ही अकड़न का इलाज है।

नोट: ये घरेलू नुस्खे सामान्य जानकारी हैं। कोई भी नुस्खा लगाने/लेने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। गंभीर या बढ़ती हुई समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

आदिनाथ में इलाज: गर्म तेल की थेरेपी, स्वेदन, वात-शांत करने वाली दवाइयाँ और नियमित हल्की कसरत से अकड़न धीरे-धीरे खुलती है।

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आदिनाथ में इलाज कैसे होता है?

1. नाड़ी परीक्षा + निदान: डॉ. गौरव शर्मा पहले आपकी नाड़ी पढ़ते हैं और आपकी रिपोर्ट्स का अध्ययन करते हैं — समस्या की जड़ समझने के लिए।

2. व्यक्तिगत योजना: आपकी स्थिति के अनुसार दवाइयाँ, डाइट चार्ट और ज़रूरत के अनुसार पंचकर्म थेरेपी — कोई फिक्स्ड पैकेज नहीं।

3. साथ-साथ सुधार: इलाज के साथ दर्द धीरे-धीरे कम होता है, अकड़न खुलती है और चलना-फिरना आसान होता जाता है। कई मरीज़ों को कुछ हफ़्तों में ही फ़र्क महसूस होता है।

भरोसा

10,000+ मरीज़ · 4.7★ Google रेटिंग

जयपुर के साथ-साथ भारत और विदेश से मरीज़ डॉ. गौरव शर्मा से सलाह लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दर्द की दवा हमेशा खानी पड़ेगी?

लक्ष्य यही है कि दर्द की दवा पर निर्भरता कम हो। डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर योजना बनाते हैं — कोई भी दवा खुद से अचानक बंद न करें।

कितने सेशन लगेंगे?

यह आपकी समस्या और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। डॉक्टर पहले ही सेशन में अनुमान बता देते हैं।

क्या थेरेपी में दर्द होता है?

नहीं। पंचकर्म थेरेपी जैसे जानु बस्ति और कटि बस्ति में गर्म तेल का प्रयोग होता है — ये आरामदायक होती हैं, दर्दनाक नहीं।

क्या चलना-फिरना बंद करना होगा?

नहीं — डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार बताते हैं कि कितना चलना है, कौन सी कसरत करनी है और किन चीज़ों से बचना है।

अपने जोड़ों के दर्द के बारे में डॉक्टर से बात करें

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